mg world vision: gramin kshatra ke liye faydemand home made sasta solar cooker hindi mei.

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Monday, April 12, 2021

gramin kshatra ke liye faydemand home made sasta solar cooker hindi mei.

भगवान सूर्यनारायण ऊर्जा का ऐसा प्रचंड स्त्रोत है, की उसकी एक दिन की ऊर्जा पुरे ग्रह की सालभर की जरुरत पूरी कर सकता है.  लेकिन इक्कसवी सदी में भी हम पूरी तरह से सौर ऊर्जा का उपयोग करने में सक्षम हुए नहीं हैं।

दुनियाभर की सरकारें वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, संस्थाओ को अधिकतम स्तर पर सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। सौर पैनल और सौर कुकर जैसे आविष्कार हो चुके हैं।
Shri_Zubair_Saiyed_received_many_awards_for_the_remarkeable_work_in_solar_energy
सोलर एनर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा करने के लिए श्री जुबेर सैय्यद को बहुत से अवॉर्ड प्रदान किये गए है।


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आविष्कारों का समाज के हर वर्ग तक पहुंचना जरुरी है।

    जरुरी यह है की ये सभी आविष्कार अधिकांश लोगों तक पहुँचना चाहिए, खासकर ग्रामीण इलाकों में। शहर के वासी यह उपकरणों का आसानी से अपना लेते है, क्योंकि शहर की लोग अपनी सुविधा के लिए जरुरी खर्च कर सकते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा नहीं है। सरकार द्वारा सब्सिडी के बावजूद, सौर उपकरण ग्रामीण लोगों के बहुमत तक नहीं पहुंच पाये है।

ग्रामीण क्षेत्र का प्रदुषण।


The pollution cause by the convetional stove
कोयले, लकड़ी, या गोबर के जलने से जो धुँआ पैदा होता है
उस में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसा झहरीला वायु होता है।
    वाहनों, और कारखानों के कारण प्रदूषण के लिए शहरी क्षेत्र बदनाम है, लेकिन अविश्वसनीय रूप से प्रदूषण की समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौजूद है लेकिन दूसरे रूप से। ग्रामीणों द्वारा बनाये गए अधिकांश घरो में हवादार रसोईघर नहीं होते है। कोयले, लकड़ी, या गोबर के जलने से जो धुँआ पैदा होता है उस में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसा झहरीला वायु होता है। खाना पकाने के दौरान महिलाओं के द्वारा यह वायु साँसों में जाता है और रक्ताल्पता तथा कई अन्य बीमारियों का कारण बनता है। हालांकि 'प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना' (पीएमयूवाई) से ग्रामीण क्षेत्रो ने इस परिदृश्य पर अच्छा प्रभाव डाला है, लेकिन फिर भी समस्या पूरी तरह निर्मूल नहीं हुई है।

ग्रामीण क्षेत्र में सूर्यप्रकाश की उपलब्धता।

    शहरों में ऊँचे मकानों के बीच खाली जगह की कमी के कारण सौर ऊर्जा आसानी से उपलब्ध नहीं है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में, खुले और चौड़े खेतो में भरपूर सूर्य प्रकाश मिलता है सो वहां सौर ऊर्जा का उपयोग करना आसान है।

सूर्य कुकर के प्रकार।

सोलर कुकर दो प्रकार होते हैं, एक पेटी के आकार में उपलब्ध है जिसकी कींमत तकरीबन 2000-3000 रुपये तक है, और दूसरा छतरी(पैराबोला) जैसा प्रकार है, जिसकी लागत 11000 / - से अधिक है। हकीकत यह है कि कुछ अमीर ग्रामीणों को छोड़कर, सभी ग्रामीण लोग इतना महंगा कुकर नहीं खरीद सकते।

एक युवा इंजीनियर श्री जुबेर सैय्यद की मुहीम।

Zuber Saiyed is preparing a cheaper solar cooker
श्री जुबेर सैय्यद ने शायद दुनिया का सबसे सस्ता सोलर कुकर बनाया है।

    यहां एक युवा इंजीनियर श्री जुबेर सैय्यद की मुहीम के बारे में लिखा गया है, जो 2016 से ग्रामीणों के लिए आसानी से उपलब्ध सस्ती सामग्री का उपयोग करके सोलर कुकर प्रदान करने की कोशिश कर रहे है। श्री जुबेर सैय्यद ने शायद दुनिया का सबसे सस्ता सोलर कुकर बनाया है; जिसकी कीमत केवल 100 रुपये है, और कोई भी व्यक्ति स्वयं इसे तैयार कर सकता है।

शायद विश्व का सब से सस्ता सोलर कुकर।

Hand Made Parabola Solar Cooker from just 6 easily available items
श्री जुबेर सैय्यद ने सिर्फ कार्डबोर्ड, एल्युमिनियम फॉयल, थ्रेड, गोंद, और कैंची का उपयोग करके सोलर कुकर तैयार किया है।
    श्री जुबेर सैय्यद ने सिर्फ कार्डबोर्ड, एल्युमिनियम फॉयल, थ्रेड, गोंद, और कैंची का उपयोग करके सोलर कुकर तैयार किया है और इस सामग्री की कुल लागत रु.100  से अधिक नहीं है। वह गांवों का दौरा करते हैं और ग्रामीणों, ज्यादातर महिलाओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, और इस प्रकार एक अद्भुत समाज सेवा कर रहे हैं।

सेहतमंद भोजन और करकसर।

    सैय्यद द्वारा बनाए गए सोलर कुकर से प्रदुषण की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। इस उपकरण से ग्रामीण परिवार अपने ईंधन की लागत कम कर सकते हैं, कम से कम दिन के दौरान, जिसके परिणाम स्वरूप उनके मासिक खर्च में बचत हो सकती है। और परिवारों को सेहतमंद भोजन प्राप्त हो वह भी एक फायदा है!

आप की अधिक जानकारी के लिए गुजराती भाषा का वीडियो नीचे दिया गया है।



अस्तु!

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